हरिद्वार पुलिस सामने लाई बच्चे को डुबोकर हत्या के आरोप वाले वीडियो का सच,बेहद भावुक है कहानी

हरिद्वार : गौरतलब है बीती 24 जनवरी दिन बुधवार को  दोपहर करीब 2:05 बजे करण निवासी कडच्छ ज्वालापुर एवं आयुष निवासी गुसाई गली खड़खड़ी हरिद्वार ने चौकी हरकी पैड़ी पर पहुँचकर सूचना दी थी कि महिला घाट पर 02 औरते एवं 01 व्यक्ति अपने एक छ से सात साल के बच्चे को जबरन  बार-बार पानी में डुबोकर मारने का प्रयास कर रहे हैं।   खबर मिलते ही पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और पाया कि लोग ने दो महिला एवं एक पुरुष को घेरकर कहासुनी कर रहे हैं। बिगड़े माहौल पर काबू पाते हुए  टीम ने अचेत अवस्था में पड़े बच्चे को बिना देरी के तुरन्त सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया जहां चिकित्सकों ने उक्त बच्चे को मृत घोषित कर दिया। पुलिस द्वारा पंचायतनामा की कार्यवाही पूरी कर उक्त बच्चे के मृत्यु के कारण को स्पष्ट जानने के लिये पोस्टमार्टम कराया गया एवं हरकी पैडी के घाटों पर लगे सीसीटीवी कैमरो को भी चैक किया गया था।
उस बच्चे के साथ मौजूद दोनों महिलाओं एवं पुरुष से विस्तृत पूछताछ करने पर सामने आया कि राजकुमार सैनी पुत्र श्री रामप्यारे सैनी निवासी 4 पुस्ता सोनिया विहार नई दिल्ली जो हनुमान मंदिर सोनिया विहार दिल्ली में फूल माला बेचने का काम करके अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे थे, जिनका 7 वर्षीय  पुत्र रवि काफी समय से बीमार था। दिनांक-16/01/2024 को अरुणा आसफ अली गवर्मेन्ट अस्पताल, 5 राजपुर रोड़ दिल्ली में बच्चे के उपचार के दौरान चिकित्सकों द्वारा रवि ( बच्चा ) ब्लड कैंसर से ग्रसित है,और बताया था कि अब बालक का जीवन अधिक नहीं है।
बच्चे की मौत पहले ही हो चुकी थी –
इस बात का पता चलने के बाद पिता राजकुमार एवं उनकी पत्नी श्रीमती शांति मन में भगवान की आस्था के कारण बच्चे को ठीक करने की मंशा पाले अपने परिचित सुधा पत्नी मदन राय निवासी-गली नं0-बी-3 मिलन गार्डन सभापुर दिल्ली के साथ दिल्ली से एक कैब कार बुक करके बच्चे को हरिद्वार गंगा जी में नहलाने एवं माता मनसा मंदिर ले जाने के लिए दिनांक-24/01/2024 को हरिद्वार पहुँचे।  गाजियाबाद के आस-पास बच्चे रवि द्वारा हरकत करना बंद कर दिया लेकिन माता-पिता को लगा कि वह सो रहा है। दोपहर करीब 01.50 बजे के आस-पास ये सभी बच्चे के साथ महिला घाट हरकी पैडी पर पहुँचे, जहाँ पर उनके द्वारा बच्चे को गंगा जी में डुबकी लगवाई गयी। महिला घाट पर स्नान करने वाले एवं स्थानीय लोगों को लगा कि उक्त लोगों बच्चे को गंगाजी में डूबा रहे हैं, जिससे उससे की मृत्यु हो सकती थी। जिस कारण आम जनता आक्रोशित हुई और पुलिस को इसकी सूचना दी।  कुछ लोगों द्वारा घटना की फोटो एवं वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर भी वायरल किया गया।
पोस्टमार्टम से सच आया सामने –
घटना ग़लत वायरल हुई इस वजह से सोशल मीडिया पर और चैनल्स पर भी आधी बात पता होने की वजह से ग़लत खबर प्रासित हुई थी। अब स्थानीय पुलिस द्वारा की गई जाँच एवं प्राप्त हुई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर स्पष्ट हुआ कि उक्त बच्चे के मृत्यु का कारण Malignancy severe anemia है। बच्चे की मृत्यु ब्लड कैंसर एवं खून की अत्यधिक कमी के कारण होना पाया गया तथा बच्चे के फेफड़ों में पानी नही मिला जिससे स्पष्ट हुआ कि बच्चे की मृत्यु पानी में डूबने से नहीं हुई बल्कि 6 घंटे पहले ही हो चुकी थी।  हरिद्वार पहुंचने से लगभग 3 घंटा पहले ही मार्ग में बच्चे की मृत्यु हो चुकी थी।

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