हरिद्वार : आदिगुरु शंकराचार्य की जयंती पर अयोजित होने वाली धर्म संसद के विषय में बताते हुए नरसिंहानंद गिरी महाराज ने कहा कि आज हिंदू समाज अपने मार्ग से भटक गया है ,हिन्दू समाज अब संतों का सम्मान नहीं करता है और ना ही उनकी रक्षा हेतु अपना योगदान देता है। भारत में जितनी भी आतंकवादी घटना होती हैं, उसमें जो भी आतंकवादी शामिल होते है उनके मुकदमे जमीयत-ऐ-उलमा-ऐ -हिंद लड़ती है।उसके बाद भी धर्मनिरपेक्षता के नाम पर तथाकथित सनातन धर्म के धर्मगुरु उन्हें अपने मंचों पर बुलाकर विश्वासघात करते हैं।
आज हिंदू समाज दिशाहीन होकर हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों का ठीक से विरोध भी नहीं कर पा रहा है, और धीरे-धीरे हिन्दू समाजअपंने पतन की ओर अग्रसर है। सनातन के महाविनाश के इन क्षणों में आज हिंदुओं का यह संशय दूर होना ही चाहिए। इस बार की धर्मसंसद इसी विषय को लेकर आयोजित की जाएगी, जिसमें सनातन धर्म के सभी जगतगुरुओं, तेरह अखाड़ों के प्रमुखों सहित प्रमुख धर्मगुरुओं को निमंत्रण दिया जाएगा। और इस धर्मसंसद में संत समाज हिन्दुओं के विवेक को पुनः जगाने का प्रयास करेगा।

