नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ के पश्चिम बंगाल पर लगे बैन पर रोक लगा दी है। जिसके बाद अब फिल्म पश्चिम बंगाल में भी रिलीज़ हो सकेगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम पश्चिम बंगाल की ममता सरकार की तरफ से फिल्म पर लगाए गए प्रतिबंध पर रोक लगा रहे हैं। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने बंगाल सरकार से कहा कि शक्ति का प्रयोग संयम से किया जाना चाहिए। फिल्म को पूरे राज्य में बैन नहीं किया जा सकता है ! जनता की भावनाओं को नियंत्रित करना सरकार का विशेषाधिकार है। और फिल्म पर प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता।
बता दें कि याचिकाकर्ता कुर्बान अली के वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि फिल्म को असली जैसा प्रोजेक्ट किया गया है और डिस्क्लेमर में कुछ और है। कपिल सिब्बल ने कहा कि यह अनुच्छेद 14 और 19 से जुड़ा मामला है। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने विपुल शाह के वकील हरीश साल्वे से पूछा कि फिल्म में सही आंकड़ों को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया है। इसके बारे में विस्तार से कोर्ट को बताइए। साल्वे ने कहा कि इसके लिए कोई प्रामाणिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है कि घटनाएं हुई हैं, यह विवाद का विषय नहीं है। कोर्ट ने कहा यहां फिल्म कहती है कि 32000 महिलाएं गायब हैं। दोनों पक्षों के वकीलों में अपनी अपनी दलीलें पेश कीं। जिसके बाद कोर्ट ने अपना फ़ैसला सुनते हुए फिल्म पर लगे प्रतिबन्ध को हटा दिया है।
इस राज्य में रिलीज़ हो सकेगी ‘द केरल स्टोरी’,सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया फ़ैसला

