मुंबई : टाटा ग्रुप ने जब पिछले साल जनवरी में एअर इंडिया को 18,000 करोड़ रुपये में खरीदने का सौदा किया। तब इस क़रार के साथ उसे एअर इंडिया पर 15,000 करोड़ रुपये का बकाया लोन का बोझ भी साथ मिला। एअर इंडिया पर ये लोन उन सालों में बढ़ा जब सरकार पर इसका नियंत्रण था। इसका मतलब यह हुआ कि एअर इंडिया का लोन सरकारी था। अब इस लोन को चुकाने के लिए टाटा ग्रुप ने सरकारी पैसे का बंदोबस्त कर लिया है।
एअर इंडिया ने भारतीय स्टेट बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा से 14,000 करोड़ रुपये का फंड जुटाया है। इसमें कुछ नया लोन है, जबकि कुछ पुराने लोन की ही रीस्ट्रक्चरिंग की गई है।मिली जानकारी के अनुसार मिंट ने एक रिपोर्ट में कहा है कि एअर इंडिया ने 14,000 करोड़ रुपये का जो लोन सिक्योर किया है। उसमें 12,500 करोड़ रुपये उसके मौजूदा लोन का ही रीस्ट्रक्चरिंग है। जबकि 1,500 करोड़ रुपये कोविड के समय शुरू की गई इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम से जुटाए हैं।
एअर इंडिया को एसबीआई और बैंक ऑफ बड़ौदा से ये लोन एसबीआई के 6 महीने वाले लोन की ब्याज दर से 0.5 प्रतिशत अधिक की दर पर मिला है।
टाटा ग्रुप का नया प्लान,ऐसे चुकायेगी एयर इंडिया का लोन

