आख़िर क्या लिखा है महंत नरेंद्र गिरी के सुसाइड नोट में ? नीचे पढ़िए पूरा नोट

प्रयागराज : महंत नरेंद्र गिरि की मौत के बाद उनके पास से मिला सुसाइड नॉट मीडिया में सांझा किया गया है। उन्होंने अपनी हत्या के लिए सीधे तौर पर अपने शिष्य आनंद गिरि और पुजारी आद्या प्रसाद तिवारी और उनके पुत्र संदीप तिवारी को को पूरी तरह ज़िम्मेद्दार बताया है।

इस सुसाइड नॉट में स्वर्गीय नरेंद्र गिरि ने लिखा है– आनंद गिरि की वजह से मैं  आत्महत्या करने जा रहा हूं। वह किसी महिला या लड़की के साथ गलत काम करते हुए मेरी वीडियो वायरल करने वाला है। बलवीर गिरि को अपना उत्तराधिकारी बनाया है। उन्होंने साथ ही लिखा है कि “मैं महंत नरेंद्र गिरि मठ बाघंबरी गद्दी बड़े हनुमान मंदिर (लेटे हनुमानजी) वर्तमान में अध्यक्ष अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अपने होशो हवास में बगैर किसी दबाव में यह पत्र लिख रहा हूं। जब से आनंद गिरि ने मेरे ऊपर असत्य, मिथ्या, मनगढ़ंत आरोप लगाए हैं. तब से मैं मानसिक दबाव में जी रहा हूं। जब भी मैं एकांत में रहता हूं, मर जाने की इच्छा होती है। आनंद गिरि, आद्या प्रसाद तिवारी और उनके लड़के संदीप तिवारी ने मिलकर मेरे साथ विश्वासघात किया है।सोशल मीडिया, फेसबुक एवं समाचार पत्रों में आनंद गिरि ने मेरे चरित्र पर मनगढ़ंत आरोप लगाए। मैं मरने जा रहा हूं। सत्य बोलूंगा। मेरा घर से कोई संबंध नहीं है। मैने एक भी पैसा घर पर नहीं दिया। मैने एक-एक पैसा मंदिर व मठ में लगाया। 2004 में मैं महंत बना। 2004 से अभी जो मठ एवं मंदिर का विकास किया, सभी भक्त जानते हैं। आनंद गिरि द्वारा जो आरोप लगाए गए उससे मेरी और मठ मंदिर की बदनामी हुई।
मैं बहुत आहत हूं। मैं आत्महत्या करने जा रहा हूं। मेरे मरने की संपूर्ण जिम्मेदारी आनंद गिरि, आद्या प्रसाद तिवारी जो मंदिर में पुजारी हैं और आद्या प्रसाद तिवारी के बेटा संदीप तिवारी की होगी। मैं समाज में हमेशा शान से जिया। आनंद गिरी ने मुझे गलत तरीके से बदनाम किया। मुझे जान से मारने का प्रयास किया गया। इससे मैं बहुत दुखी होकर आत्महत्या करने जा रहा हूं। मेरी मौत के जिम्मेदार आनंद गिरि, आद्या प्रसाद तिवारी, संदीप तिवारी पुत्र आद्या प्रसाद तिवारी की होगी। प्रयागराज के सभी पुलिस अधिकारी एवं प्रशासनिक अधिकारियों से अनुरोध करता हूं मेरी आत्महत्या के जिम्मेदार उपरोक्त लोगों पर कानूनी कार्रवाई की जाए जिससे मेरी आत्मा को शांति मिले सके। 

प्रिय बलवीर गिरि मठ, मंदिर की व्यवस्था का प्रयास करना, जिस तरह से मैंने किया। इसी तरह से करना। नितेश गिरी एवं मणि की सभी महात्मा बलवीर गिरि का सहयोग करना। परमपूज्य महंत हरिगोविंद गिरि एवं सभी से निवेदन है कि मढ़ी का महंत बलवीर गिरि को बनाना। महंत रविंद्र पुरी जी (सजावट मढ़ी) आपने हमेशा साथ दिया। मेरे मरने के बाद बलवीर गिरि का ध्यान दीजिएगा। सभी को ओम नमो नारायण। 13 सितंबर को ही आत्महत्या करने जा रहा था, लेकिन हिम्मत नहीं कर पाया। आज हरिद्वार से सूचना मिली कि एक दो दिन में आनंद गिरि कंप्यूटर के माध्यम से मोबाइल से किसी लड़की या महिला के साथ मेरी फोटो लगा कर गलत कार्य करते हुए फोटो वायरल कर देगा। मैने सोचा कहां-कहां सफाई दूंगा। एक बार तो बदनाम हो जाउंगा। मैं जिस पद पर हूं, वह पद गरिमामयी पद है। सच्चाई तो लोगों को बाद में पता चल जाएगी, लेकिन मैं तो बदनाम हो जाऊंगा। इसलिए मैं आत्महत्या करने जा रहा हूं। इसकी जिम्मेदारी आनंद गिरी, आद्या प्रसाद तिवारी एवं उनके लड़के संदीप तिवारी की होगी। आपको बतादें कि ये सारी बातें नरेंद्र गिरी जी के सुसाइड नॉट में लिखीं हुईं हैं। 

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