महाराष्ट्र का राजनीति में आए बड़े उछाल के बाद आखिरकार भाजपा पार्टी के हित में होते हुए एकनाथ शिंदे बीते दिन मुख्यम्नत्री पद पर बैठे। लेकिन इसके बाद शिवसेना के सुनील प्रभु के नेतृत्व में उद्धव ठाकरे खेमे ने सुप्रीम कोर्ट का रुख करते हुए एकनाथ शिंदे सहित 16 विधायकों को उनकी अयोग्यता की कार्यवाही तय होने तक विधानसभा से निलंबित करने की मांग की। प्रभु ने इन सभी को विधानसभा में प्रवेश करने से रोकने का निर्देश देने की गुहार भी लगाई। और अभी इस मामलीन पर कोई भी सुनवाई करने से कोर्ट ने इनकार कर दिया है,शिंदे को इससे बड़ी राहत मिली है।
शिवसेना के मुख्य सचेतक सुनील प्रभु ने आज शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में एक अर्जी दाखिल कराई कि सीएम शिंदे और उनके समर्थक 15 विधायकों को कल सदन में घुसने से रोकने की मांग की। पार्टी का कहना है कि जब तक इन विधायकों को डिप्टी स्पीकर से मिले अयोग्यता के नोटिस पर फैसला नहीं होता, तब इन्हें विधानसभा में प्रवेश की इजाजत नहीं दी जा सकती। शिंदे को तब तक बहुमत परीक्षण से भी रोका जाना चाहिए। चूंकि महाराष्ट्र विधानसभा का विशेष सत्र 2 व 3 जुलाई को होगा और सुप्रीम कोर्ट ने नई अर्जी पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है.
11 जुलाई को सुनवाई –
इस पर कोर्ट ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर 11 जुलाई को आगे की सुनवाई तय की है। विधायकों की अयोग्यता पर अभी कोई फैसला नहीं आया है, इसलिए उनकी विधायकी बरकरार है।
सत्र कल से शनिवार से शुरू-
सीएम बनने के बाद शिंदे की हुई पहली बैठक में 2 और 3 जुलाई को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का फैसला लिया गया है। इस दौरान शिंदे विश्वास मत हासिल कर सकते हैं। विशेष सत्र में ही स्पीकर का चुनाव भी हो सकता है।

