जनता दल यूनाइटेड के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव का बीते दिन गुरूवार को निधन हो गया है। कल रात गुरुग्राम के फोर्टिस अस्पताल में उन्होंने जीवन की अंतिम सांस ली। वह 75 साल के थे। सांस लेने में तकलीफ होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी बेटी ने निधन की जानकारी दी। उनका पार्थिव शरीर दिल्ली के छतरपुर स्थित उनके निवास स्थान पर रखा गया, जहां लोग उनके अंतिम दर्शन करने के लिए पहुंचे ।
शरद यादव के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि शरद यादव का हमारे बीच न रहना देश के सार्वजनिक जीवन के लिए अपूर्णिय क्षति है। पांच दशक लंबे सार्वजनिक जीवन में उन्होंने हमेशा जनता के मुद्दे और पिछड़ों के मुद्दे उठाए। समाजवादी पार्टी के मूल सिद्धांतों को अंतिम सांस तक वे आगे लेकर चलते रहें। आपातकाल के खिलाफ लड़ाई लड़ कर जो नेतृत्व निकला उसमें शरद यादव प्रमुख नेता थे। मैं इस दुख की घड़ी में उनके परिवारजनों, समर्थकों, अनुयायियों को दुख सहन करने की शक्ति दे।
राहुल गाँधी ने कहा –कांग्रेस पार्टी नेता राहुल गाँधी ने भी शारद यादव के घर पहुंचकर उनके अंतिम दर्शन किए और कहा कि “मैंने शरद यादव से राजनीति के बारे में बहुत कुछ सीखा है, वह आज हमारे बीच नहीं रहे तो काफी दु:ख हो रहा है। उन्होंने कभी अपना सम्मान नहीं खोया।राहुल गाँधी ने इस मुश्किल वक्त में परिवार को ढांढस बंधाया।
पीएम ने जताया शोक –पीएम मोदी ने एक ट्वीट में कहा कि शरद यादव के निधन से दुखी हूं। सार्वजनिक जीवन में अपने लंबे वर्षों में उन्होंने खुद को सांसद और मंत्री के रूप में प्रतिष्ठित किया।

