भोपाल : पूर्व केंद्रीय मंत्री और JDU के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव का निधन के बाद आज उनका अंतिम संस्कार होगा। उनके पैतृक गांव आंख मऊ में होगा। दिल्ली से चार्टर्ड फ्लाइट के माध्यम से पार्थिव देह को राजाभोज एयरपोर्ट भोपाल लाया गया है। यहां मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने श्रद्धांजलि दी और दिग्विजय सिंह ने जब नर्मदा परिक्रमा की थी, उस वक्त शरद यादव भी उनकी परिक्रमा में हिस्सा लेने पहुंचे थे। शरद यादव का गुरुवार को 75 साल की उम्र में दिल्ली के एक निजी अस्पताल में निधन हुआ।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उनके निधन पर कहा कि वे अचानक चले गए। मेरे तो वे पड़ोसी थे। मेरा गांव नर्मदा के इस पार था, उनका गांव नर्मदा के उस पार था। अन्याय के खिलाफ लड़ने वाले शरद भाई छात्र जीवन में ही राष्ट्रीय राजनीति में आ गए थे। वे जेपी के आंदोलन के प्रमुख स्तंभ थे। वे जेल में रहते हुए चुनाव जीते। भारत की राजनीति पर छा गए। 80-90 के दशक में राष्ट्रीय राजनीति की दशा बदली। मंडल कमीशन लागू कराने में बहुत अहम परिचय दिया। उन्होंने नैतिकता की राजनीति की।

