कोरोना संक्रमण की लहर में अब हल्की गिरावट को देखते हुए टिहरी प्रशासन ने फैसले लिया है, जिसके चलते अब गंगा में राफ्टिंग करने की इजाज़त मिल गई है। इससे राफ्ट संचालकों के चेहरे खिल उठे हैं। पितृ पक्ष शुरू होने से पूर्व राफ्ट संचालकों ने खारास्रोत में गंगा पूजन कर दिया है। गंगा का जलस्तर बढ़ जानें से राफ्ट का संचालन शुरू नहीं हो पाया था। लेकिन अब राफ्टिंग के लिए गंगा का जलस्तर 137 मीटर होना जरूरी है।
देहरादून से आई एक तकनीकी टीम ने गंगा नदी में रैकी किया। रैकी टीम ने नदी का जलस्तर एक मीटर बढ़ा हुआ बताया। कहा रीवर राफ्टिंग करने के लिए गंगा का जलस्तर 137 मीटर होना ज़रूरी होता है, इस समय नदी का जलस्तर 138 मीटर है।
नदी का जलस्तर सामान्य हो गया था। लेकिन जैसे ही पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश हो रही है। उससे गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। रैकी टीम ने अब जलस्तर सामान्य बताया है। टिहरी प्रशासन की ओर से इसे हरी झंडी मिल गई है। राफ्टिंग का संचालन करीब 20 दिन पहले से ही शुरू किया गया है। कोरोनाकाल से पहले वर्ष भर में केवल दो महीने जुलाई और अगस्त में राफ्टिंग का संचालन बंद होता था।
ऋषिकेश में आजसे शुरू हुई राफ्टिंग,खुश हुए पर्यटक

