मुंबई : अडानी ग्रुप के शेयरों में लगातार गिरावट ज़ारी है , और इसकी वजह से सरकारी बैंकों और एलआईसी के शेयरों में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद जहां अडानी के शेयर करीब-करीब 50 फीसदी तक नीचे गिरे है। वहीं एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, पीएनबी जैसे सरकारी बैंकों के शेयरों की भी काफी गिरावट देखने को मिली है। बैंको के शेयरों में इस गिरावट को देखते हुए अब आरबीआई भी हरकत में आ गया है। आरबीआई ने सभी बैंकों से अडानी मामले में जवाब मांग लिया है। आरबीआई ने बैंकों से पूछा है कि उन्होंने अडानी ग्रुप कंपनियों को कितना कर्ज दिया है और उसका स्टेटस क्या है?
इस गिरावट के बाद फिलहाल अडानी ग्रुप ने अडानी इंटरप्राइजेज के एफपीओ को कैंसल कर दिया है। अडानी ग्रुप के प्रमुख गौतम अडानी ने अडानी एंटरप्राइजेज के 20,000 करोड़ रुपए के एफपीओ वापस लेने के लिए खुद सामने आना पड़ा था। गौतम अडानी ने इसकी वजह बताते हुए कहा कि बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए बोर्ड ने महसूस किया कि एफपीओ के साथ आगे बढ़ना उनके लिए नैतिक रूप से सही नहीं होगा। मार्केट में उतार-चढ़ाव को देखते हुए कंपनी का उद्देश्य अपने निवेशकों के हितों की रक्षा करना है. इसलिए हम FPO से प्राप्त रकम को हम वापस करने जा रहे हैं और इससे जुड़े लेन-देन को खत्म कर रहे हैं।
सरकारी बैंको के शेयरों में गिरावट के बाद हरक़त में आया आरबीआई

