यूं तो कोरोना रोजाना लोगों को अपना शिकार बना रहा है। लेकिन बुधवार को कोरोना ने भारत के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री का शिकार कर लिया। पूरे विश्व में शायद यह अपने किस्म का पहला मामला होगा जब कोरोना मिसमैनेजमेंट के कारण किसी स्वास्थ्य मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा हो। बुधवार शाम मंत्रिमंडल विस्तार से पहले इस्तीफा देने वाले बड़े मंत्रियों में स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन, श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री संतोष गंगवार और शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक के नाम शामिल हैं। संतोष गंगवार पर कोरोना की छाया दिखती है, जबकि शिक्षा मंत्री ने खराब स्वास्थ्य का हवाला दिया है।
सूत्रों के मुताबिक, मंत्रिपरिषद विस्तार में 43 चेहरों को शामिल किया जा सकता हैं। साथ ही कुछ मंत्रियों को पदोन्नत किया जा सकता है। इस मंत्रिपरिषद में युवाओं और प्रशासिनक क्षमता वाले नेताओं को शामिल किया जा सकता हैं। इनमें चार पूर्व मुख्यमंत्री भी शामिल हैं।
संभावित मंत्रियों के नाम
भाजपा महासचिव भूपेंद्र यादव
मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया
महाराष्ट्र से राज्यसभा सांसद नारायण राणे
असम के पूर्व मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल
हरियाणा के सिरसा से सांसद सुनीता दुग्गल
दिल्ली से भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी
उत्तराखंड के नैनीताल-ऊधमसिंह नगर से सांसद अजय भट्ट
कर्नाटक के उडुपी चिकमगलूर से सांसद शोभा करंदलाजे
महाराष्ट्र के बीड से सांसद प्रीतम मुंडे
महाराष्ट्र के भिवंडी से सांसद कपिल पाटिल
महाराष्ट्र के ही दिन्डोरी से सांसद भारती पवार
उत्तर प्रदेश के खीरी से सांसद अजय मिश्रा और पश्चिम बंगाल के बनगांव के सांसद शांतनु ठाकुर प्रमुख हैं।
प्रमोशन पाने वाले मंत्री
केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी
केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री पुरुषोत्तम रूपाला
उर्वरक राज्यमंत्री मनसुख भाई मांडविया
विद्युत मंत्रालय में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) आर के सिंह
आवासन तथा शहरी विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हरदीप सिंह पुरी
जदयू की कैबिनेट में एंट्री
सहयोगी दलों में से जनता दल (यूनाइटेड) के आरसीपी सिंह का मंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है। जदयू कोटे से तीन और नेताओं को राज्यमंत्री बनाया जा सकता है। अपना दल (एस) की अनुप्रिया पटेल और लोक जनशक्ति पार्टी के पारस गुट के पशुपति पारस को भी मंत्री पद से नवाजा जा सकता है।

