दून-दिल्ली एक्सप्रेस-वे के बनने के साथ ही मोहंड वन क्षेत्र में मोबाइल सिग्नल गायब होने से भी निजात मिलेगी। एक्सप्रेस-वे के 12 किमी हिस्से में बनने वाली एलेवेटेड रोड के दोनों किनारों पर छोटे-छोटे करीब 32 मोबाइल टावर लगेंगे।
अब राजधानी देहरादून से काफी पास होने के बाद भी डाट काली क्षेत्र से आगे निकलते ही वन क्षेत्र में गणेशपुर (यूपी) तक मोबाइल के सिग्नल गायब रहते हैं लेकिन अब इस समस्या को दूर करने के लिए पूर्व में दोनों राज्यों उत्तराखंड और यूपी के साथ केंद्र के स्तर पर प्रयास हुए और वन कानून के पेच की वजह से सफलता नहीं मिली थी।
अब आर्थिक गलियारे के रूप में करीब 12,300 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन एक्सप्रेस-वे के निर्माण में इस बात का भी ध्यान रखा गया गया है। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के साथ ही अन्य स्वीकृतियां ली जा चुकी हैं।

