प्रयागराज : अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी की संदिग्ध अवस्था में हुई मौत की गुत्थी अब उलझती नज़र आ रही है। जिस कड़ी में पुलिस आनंद गिरी के साथ समझौता कराने में ज़रूरी रोल रखने वाले एडिशनल एसपी ओम प्रकाश पांडेय और सपा नेता व पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री इंदू प्रकाश मिश्रा से भी मामलें की जांच कर रही है और उन्हें पूछताछ के लिए उन्हें बुलाएगी। महंत ने अपने आठ पन्ने के सुसाइड नोट में आनंद गिरी के बारे में लिखा है।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि और उनके शिष्य योगगुरु स्वामी आनंद गिरि के बीच कई दिनों तक चले विवाद का पटाक्षेप हो गया था। उनके इस शिष्य ने अपने लखनऊ आवास पर गुरु-शिष्य के बीच समझौता करवाया था। आनंद गिरी ने महंत नरेंद्र गिरी से पैर पकड़कर छमा मांगी थी। परिस्थितियों को लेकर इसका वीडियो भी तैयार किया था। साथ ही नरेंद्र गिरी ने उन्हें माफी देने का भी वीडियो जारी किया है। इस मामले में जब गुरु शिष्य में समझौता हुआ तो भाजपा नेता सुशील मिश्रा, सपा नेता और पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री इंदु प्रकाश मिश्रा और वर्तमान में मुरादाबाद में बतौर अपर पुलिस अधीक्षक तैनात रहे ओपी पांडेय भी वहां उपस्थित थे।

