देहरादून : यूँ तो सभी राज्यों में चुनावी हलचल और तैयारियां ज़ोरों पर हैं इसी कड़ी में उत्तराखंड के विधानसभा चुनावों से पूर्व वहां इस बार चुनावों को सुरक्षित और अच्छे तरह से करने के लिए अत्याधुनिक बनाने की तैयारी है। इस बार चुनावों में एम3 ईवीएम मशीनों का इस्तेमाल किया जाएगा। ये सभी मशीनें राज्य में बिहार आ चुकी हैं। निर्वाचन विभाग ने चुनाव की तैयारियां अब और तेज कर दी हैं। इस बार उत्तराखंड के विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र 18,400 बैलेट यूनिट 17,100 कंट्रोल यूनिट और 18,400 वीवीपैट पहुंच चुकी हैं। इस बार के चुनाव में जिन इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) का उपयोग किया जाना तय हुआ है।
वे ईवीएम की थर्ड जेनरेशन यानी एम-3 होगी।इसके बाद 2006 से 2010 के बीच बनी ईवीएम की दूसरी जेनरेशन एम-2 से पिछले विधानसभा चुनाव हुए थे। एम-2 में कुल 64 उम्मीदवारों की वोटिंग की सूचना मिल सकती है। एम-2 से अधिकतम चार यूनिट यानी 64 उम्मीदवारों को ही ऐड किया जाता है। 2013 के बाद ईवीएम की तीसरी जेनरेशन एम-3 आई। इसमें 384 उम्मीदवारों की जानकारी जोड़ी जा सकती है। 1988 में यह एक्ट संशोधित हुआ और 1989 से लागू हुआ। इसमें चुनाव आयोग को ईवीएम का चुनावों में इस्तेमाल करने की बात कही गई। विधानसभा चुनाव के लिए बिहार से एम-3 ईवीएम उत्तराखंड आ चुकी हैं। हम 21 से प्रशिक्षण शुरू करने जा रहे हैं। पहली बार यहां के चुनाव में एम-3 ईवीएम का इस्तेमाल किया जाएगा।

