आपको बतादें कि अब केदारनाथ के परंपरागत मार्ग को दोबारा शुरू करने की उम्मीद हुई है। केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग ने रास्ते के निर्माण के लिए चुने गए रास्ते का सर्वे केंद्र सरकार को भेजा गया है। वह से इजाजत के बाद भूमि हस्तांतरण की कार्रवाई होगी सब कुछ ठीक रहा तो यात्राकाल में परंपरागत रास्ते का निर्माण शुरू होगा।
आपको बतादें कि आपदा के बाद से केदारनाथ यात्रा को प्रतिवर्ष नया आयाम दिया जा रहा है और परंपरागत रास्ते को पुनर्जीवित करने के लिए बीते तीन वर्ष से प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की जा रही है जो अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। केदारनाथ वन्य जीव के भूमि सर्वेक्षण के प्रस्ताव को राज्य स्तर पर स्वीकृति के बाद अब केंद्र सरकार को भेज दिया गया है। जहां इसे अगले दो माह में स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। इसके बाद वन भूमि हस्तांतरण के बाद स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों के हिसाब से रास्ता निर्माण की कार्रवाई की जाएगी।
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