उत्तराखंड के आईएएस ऑफ़िसर दीपक रावत की चार साल बाद हरिद्वार से विदाई हुई है। कुम्भ 2021 के मेलाधिकारी रहे व हरिद्वार रूड़क़ी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष रावत का सोमवार शाम स्थानांतरण कर दिया गया।
शासन द्वारा जारी हुई सूची में दीपक रावत को यूपीसीएल व पिटकुल का प्रबंध निदेशक व उरेडा का निदेशक बनाया गया है। लम्बे वक्त तक हरिद्वार में सेवाएँ दे चुके रावत की धर्म नगरी से कई खट्टी मीठी यादें रही।
वो अपनी आक्रामक कार्यशैली के कारण कई बार विवादों में भी रहे लेकिन अनेकों बार ज़िले के लोगों का उन्होंने दिल भी जीता। 4 मई 2017 को हरिद्वार के ज़िलाधिकारी बनकर आए रावत 29 जून 2019 तक इस पद पर रहे। इसके बाद जून 2019 में ही 2021 में आयोजित होने वाले कुम्भ मेले के मेलाधिकारी का दायित्व उन्हें सौंपा गया। साथ ही उन्हें हरिद्वार रूड़क़ी विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष भी बनाया गया।
अब रावत के स्थानांतरण के बाद ज़िले से उनके लम्बे नाते पर विराम लग गया है।

