पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत Harish Rawat ने 2017 के विधानसभा चुनाव में मिली हार को लेकर बड़ा खुलासा किया है।
सोशल मीडिया पर लिखी पोस्ट में रावत Harish Rawat ने पार्टी की हार के लिए दुष्प्रचार को कारण बताया है।
गंगा पूजन के लिए हरिद्वार पहुंचे रावत ने लिखा है कि मैं मां गंगा के किनारे पंडित मदन मोहन मालवीय घाट पर खड़ा हूं।
चारों तरफ भगवान कश्यप, वाल्मीकि आदि आराध्य नामों से घाट बने हैं। इनमें से अधिकांश का नामकरण मेरी सरकार में हुआ था।
रावत ने आगे लिखा है कि मेरी सरकार ने छठ पूजा, करवा चौथ, परशुराम जयंती आदि पर्वों के लिए अवकाश घोषित किए थे।
इसके साथ ही साल भर में एक बार रमजान के दौरान आने वाले अलविदा जुमे की नमाज हेतु भी 1 घंटे का अवकाश दिया गया था।
लेकिन एक मजार पर जाते वक्त मेरे द्वारा लगाई गई टोपी को लेकर दुष्प्रचार किया गया। दुष्प्रचार भी इतना जबरदस्त था कि मुझे चुनावी हार झेलनी पड़ी।
पूर्व सीएम ने लिखा है कि जैसे मां गंगा का स्वभाव सर्वधर्म समभाव है, वैसे ही मेरा भी भाव बना रहे यही आशीर्वाद मांगने गंगा तट पर आया हूं।
विदित हो कि राजनीतिक पंडित रावत सरकार की हार के लिए जुमे की नमाज की छुट्टी को एक बड़ा कारण मानते रहे हैं।
लेकिन आज हरीश रावत ने भी चुप्पी तोड़ी है और इस मुद्दे पर खुलकर बोले हैं।
Harish Rawat चुनावों में मिली हार पर रावत का बड़ा बयान

