गौरतलब है कि बीते दिन गुरूवार को विधानसभा चुनाव के परिणाम आ चुके हैं, जिसपर आज शुक्रवार सुबह उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की हुई बुरी हार पर उनका दर्द झलका है .अब इस हार के बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलों का दौर भी आ गया है। हरदा की यह हार उत्तराखंड में कांग्रेस पार्टी के लिए भी झटका है। उनके राजनीतिक भविष्य के साथ उन मुद्दों पर भी बहस जारी है। हरीश की मानें तो वह इस पर मंथन करेंगे।
अब सवाल ये पैदा होता है कि हरदा अब आगे क्या करेंगे ? इसपर कुछ भी तर्क देना अभी जल्दी होगी। लेकिन जो भी करेंगे, नई पारी ग्रास रूट से ही शुरू करेंगे। फिलहाल वह जनादेश को स्वीकार करते हुए हार की जिम्मेदारी लेते हैं। हरीश रावत को पार्टी ने चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष बनाया था। अघोषित तौर पर वह सीएम पद का चेहरा भी थे, लेकिन इस बार भी भाजपा की आंधी में वह लालकुआं को नहीं समेत पाए।
भावुक हुए हरीश रावत –हरीश ने कहा कि अब समय आ गया है, जब उन्हें नए सिरे से मंथन करना पड़ेगा कि वह जिन मुद्दों के साथ अपनी के साथ आगे बढ़ रहे थे, वह उसमें कितने सही थे। आगे क्या करेंगे, इस सवाल पर हरीश ने यह सोचने या इस पर कुछ बोलने का उचित समय नहीं है।
क्या लिखा सोशल मीडिया पर ?
उन्होंने लिखा,‘ मैं लालकुआं क्षेत्र के लोगों से क्षमा चाहता हूं कि मैं उनका विश्वास अर्जित नहीं कर पाया और जो चुनावी वादे मैंने उनसे किए, उनको पूरा करने का मैंने अवसर खो दिया है।लोगों का ध्यान अपने दैनिक कार्यों पर आ जाए तो मैं, लालकुआं क्षेत्र के लोगों को धन्यवाद देने के लिए उनके मध्य पहुंचूंगा।’

