मुंबई: भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज खिलाड़ी बॉलर हरभजन सिंह ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया है वहीँ अब वह कई मसलों को लेकर अपनी बात कहने लगें हैं। हरभजन सिंह ने टीम में शामिल नहीं किए जाने को लेकर बात कही है कि और बीसीसीआई पर भी अपना दुख जताया है। स्पिनर हरभजन सिंह ने विवाद और कप्तानी से जुड़े सवालों पर जवाब दिया है। भज्जी ने आज कहा कि उनका अभी फिलहाल राजनीति में आने का कोई इच्छा नहीं हैं,जब वह इस बारे में सोचेंगे तो सबसे पहले अपने फैंस को ये खबर साँझा करना चाहेंगें। भज्जी ने कहा कि ऐसा नहीं है कि मैं कप्तान बनने लायक नहीं था या मुझे कप्तानी नहीं पता है।
‘बीसीसीआई में पैरवी करने वाला कोई नहीं था’-
क्रिकेटर हरभजन सिंह ने ये भी कहा कि मेरे पास पंजाब से कोई ऐसा कोई था ही नहीं,जो बीसीसीआई में ऊंचे पद पर हो। कोई ऐसा नहीं था जो मेरे कप्तान बनने को लेकर ऊपर बात कर सके या मेरा समर्थन कर सके। अगर ऐसा कोई होता, तो शायद मैं भी टीम इंडिया का कप्तान होता। अगर मुझे कप्तानी मिलती तो मैं भी अपना 100 फीसदी देता और टीम को आगे बढ़ने में मदद करता। मैंने एक खिलाड़ी के तौर पर भी हमेशा यही किया है।

