वाराणसी : गौरतलब है कि बीते दिन सोमवार को बाबा काशीविश्वनाथ में चल रहे ज्ञानवापी सर्वे को अंतिम पड़ाव दिया गया यह सर्वे रात करीब 10 पूरा हुआ। अदालत के आदेश पर वाराणसी के बहुचर्चित ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के सर्वे का काम सोमवार को लगभग सवा 10 बजे पूरा हो गया। पूर्व महंत डॉ. कुलपति तिवारी ने बताया कि ज्ञानवापी मस्जिद सर्वे की कार्यवाही के दौरान जिसको तहखाना कहा जा रहा है, वह असल में प्राचीन मंदिर का मंडप है। इसमें एक ज्ञान मंडप, दूसरा शृंगार मंडप, तीसरा ऐश्वर्य मंडप और चौथा मुक्ति मंडप के नाम से विख्यात था।जिस उद्देश्य से यह सर्वे हुआ था उसके बाद सर्वे टीम को परिसर के एक हिस्से में शिवलिंग नजर आया। जिससे पूरे देश में भक्ति का उत्साह उमड़ पड़ा है। सभी लोग कह रहे हैं “बाबा मिल गए”
बाबा मिल गए-
आपको बतादे कि वाराणसी में ज्ञानवापी परिसर में सर्वे का काम बीती रात 10 बजे पूरा हो गया। आज मंगलवार को अब अदालत में रिपोर्ट सौंपी जाएगी। सर्वे में मिले साक्ष्यों को लेकर अलग-अलग दावे हो रहे हैं। हिंदू पक्ष के सोहनलाल आर्य ने पत्रकारों से रूबरू होते हुए कहा है कि “अंदर बाबा मिल गए।” बोले, ‘जिन खोजा तिन पाइयां..तो समझिए, जो कुछ खोजा जा रहा था, उससे कहीं अधिक मिला है।’ आर्य ने दावा किया कि गुंबद, दीवार और फर्श के सर्वे के दौरान कई साक्ष्य दबे हुए से दिखे। वहीं, अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी के अधिवक्ता अभयनाथ यादव और मुमताज अहमद ने कहा कि अंदर कुछ नहीं मिला है सब अफवाह है।
ज्ञानवापी मस्जिद में शिवलिंग मिलने के दावे के बाद विशेष अधिवक्ता आयुक्त विशाल सिंह ने न्यायालय में आवेदन देकर अधिवक्ता आयुक्त अजय कुमार मिश्रा और सहायक अधिवक्ता आयुक्त अजय प्रताप सिंह पर कमीशन की कार्यवाही में सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया है। उन्होंने नियत तिथि 17 मई को कमीशन की रिपोर्ट देने में असमर्थता भी जताई है। उनके आवेदन पर सिविल जज सीनियर डिवीजन ने दोनों आयुक्तों से स्पष्टीकरण की मांग की है।

