अतीक अहमद के दोनों बेटे जेल में बंद हैं जिन्हें अब मौत का डर सताने लगा है। जी हाँ के जेल में बंद दोनों बेटों को भी जान का खतरा होता दिख रहा है। लखनऊ की जेल में बंद उमर अहमद व नैनी जेल में बंद अली अहमद ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर सुरक्षा के लिए मांग की है। दलील में लिखा है कि है कि कचहरी आने में जान को खतरा है, इसलिए वीडियो कान्फ्रेंसिंग के से हमारी पेशी करवाई जाए। कोर्ट ने याचियों को खतरे के संबंध में विश्वसनीय सुबूत पेश करने की बात कही है। न्यायमूर्ति अंजनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह की खंडपीठ सुनवाई कर रही है, जबकि अली की याचिका पर न्यायमूर्ति विवेक कुमार बिरला और न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर की पीठ सुनवाई कर रही है। इनकी पैरवी करने वाले वकील विजय मिश्रा खुद जेल पहुंच चुके हैं।दरअसल, दोनों माफिया बेटों की याचिका काल्पनिक भय पर है जिसके आधार पर सुरक्षा नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने कहा कि काल्पनिक आधार पर राज्य सरकार को सुरक्षा का आदेश नहीं दे सकते। याची को विश्वसनीय सबूत दाखिल करने होंगे।
माफिया बेटों की निकली हवा, बोले…जान को है खतरा

