उत्तराखंड में अशासकीय स्कूलों में क्लर्क और शिक्षकों की नियुक्तियों में झोल कर रहे लोगों की हालत टाइट कर दी गई है। जहाँ नियमों को एक तरफ कर नियुक्तियां की गई थी। इस मामलें में सामने आया है कि एक पूर्व मंत्री के रिश्तेदार और करीबी लोगों को भी नियमों को दरकिनार कर नियुक्ति दी गई। शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी के मुताबिक दो अधिकारियों की समिति गठित कर मामले की जांच की जा रही है।
प्रदेश में इन दिनों अशासकीय स्कूलों में क्लर्क एवं शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है। जिसमें खासकर हरिद्वार जिले में हुईं नियुक्तियों में खेल हुुआ है। आरोप है कि वर्ष 2021 से अब तक छह सौ से अधिक पदों पर कर्मचारियों एवं शिक्षकों की नियुक्तियां की गईं। कनखल हरिद्वार निवासी राकेश अग्रवाल के मुताबिक जिले में एक पूर्व मंत्री और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत के चलते गोरखपुर के लोगों को भी फर्जी निवास प्रमाण पत्रों के आधार पर जिले में नियुक्ति दी गई है।
जांच सौंपी गई –
जांच समिति की ओर से प्रकरण की जांच की जा रही है। जांच समिति ने प्रकरण में शामिल विभिन्न शिकायतकर्ताओं से इस मामले में साक्ष्य मांगे हैं।इस पर उनकी ओर से बीस दिन का समय मांगा गया है।

