चारा घोटाला: डोरंडा ट्रेजरी मामलें में लालू यादव दोषी करार

रांची : बिहार के पूर्व सीएम औरआरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को सीबीआई की विशेष अदालत की ओर से आज डोरंडा कोषागार से अवैध निकासी मामलें सज़ा सुनाई गई है और उन्हें में दोषी करार दिया गया है।सज़ा सुनाए जाने के बाद अब 21 फरवरी से इस मामलें में सजा सुनाई जाएगी। विशेष अदालत की ओर से हर दिन 10 दोषियों को सजा दी जाएगी। अदालत की ओर से अगर लालू प्रसाद यादव को तीन साल से कम की सजा मिलती है तो उन्हें तुरंत जमानत मिल सकती है लेकिन अगर तीन साल से अधिक की सजा दी जाती है तो उन्हें फिर से जेल जाना होगा।


लालू यादव के वकील प्रभात कुमार ने बताया कि सीबीआई की विशेष अदालत से अगर तीन साल से कम की सजा दी जाती है तो उन्हें फैसला सुनाने के तुरंत बाद कोर्ट से जमानत मिल सकती है। यदि अदालत की ओर से सजा तीन साल से अधिक दी जाती है, तो जमानत लेने का प्रोसेस दोबारा शुरू किया जाएगा। और इसमें कम से कम तीन से चार हफ्ते का समय लग सकता है। वैसे तो चारा घोटाला मामले में लालू यादव को तीन साल से अधिक की सजा मिल चुकी है, इसलिए इस मामलें में उन्हें इससे कम अवधि की सज़ा सुनाए जाने की संभावना है। बता दें कि डोरंडा कोषागार से 139.35 करोड़ की अवैध निकासी हुई थी। और इस मामले की शुरुआत में 170 आरोपी थे।जिनमे से 55 आरोपियों की मौत हो चुकी है। इस मामले में दीपेश चांडक और आरके दास समेत सात आरोपियों को सीबीआई ने गवाह बनाया था,और इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद, पूर्व सांसद जगदीश शर्मा, डॉ आरके राणा, पीएसी के तत्कालीन अध्यक्ष ध्रुव भगत, तत्कालीन पशुपालन सचिव बेक जूलियस, पशुपालन विभाग के सहायक निदेशक डॉ केएम प्रसाद सहित 100 अन्य आरोपी शामिल हैं।