उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड अधिनियम के परीक्षण और उस पर सकारात्मक संशोधन का सुझाव देने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की जाएगी।
उत्तरकाशी दौरे पर पहुंचे सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार सभी पक्षों से विचार विमर्श के बाद ही बोर्ड में सकारात्मक परिवर्तन या संशोधन के पक्ष में है।
यह समिति अधिनियम के विधिक पहलुओं का आकलन कर यह सुनिश्चित करेगी कि इससे चारधाम यात्रा से जुड़े हक-हकूकधारियों, पुजारियों तथा अन्य हितधारकों के पारंपरिक अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव न पडे।
समिति की संस्तुति के आधार पर बोर्ड की व्यवस्था के संदर्भ में अग्रिम निर्णय लिया जाएगा।
सरकार ने अपनी मंशा स्पष्ट की
लोगों को इन पवित्र धामों के कतिपय हितधारकों के मन में संशय उत्पन्न हो रहा है कि सरकार कहीं धामों पर अधिकार तो नहीं करने जा रही है।
हालांकि सीएम ने स्पष्ट किया कि सरकार की मंशा इन पर अधिकार करने की नहीं बल्कि वहां बिजली, पानी, आवास, साफ-सफाई और यात्रा को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने की है।
चारों धामों, बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री, के तीर्थ पुरोहित लंबे समय से बोर्ड को भंग किए जाने के लिए आंदोलन कर रहे हैं। उनका मानना है कि बोर्ड का गठन उनके अधिकारों का हनन है।

