15 वर्ष पहले सतोपंथ आरोहण के समय लापता हो गए सेना के जवानों के पार्थिव शरीर को सैन्य सम्मान के साथ उसके पैतृक गांव पहुँचाया गया है। इससे पहले आज सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में सभी के द्वारा पार्थिव शरीर को सलामी के साथ गार्ड ऑफ ऑर्नर भी दिया गया। प्रभारी जिलाधिकारी गौरव कुमार सहित सैन्य अधिकारियों ने जवान के पार्थिव शरीर को पुष्पचक्र भी भेट किया।
शहीद जवान के अवशेष को इकठ्ठा करके गंगोत्री भेजा गया है और पुलिस को सौंप दिए गए हैं। भारतीय सेना का एक दल स्वर्णिम विजय वर्ष के उपलक्ष्य में गंगोत्री हिमालय की सबसे ऊंची चोटी सतोपंथ (7075 मीटर) के आरोहण के लिए गया जहाँ अभियान के चलते बीते 22 सितंबर को एक पर्वतारोही के शव के अवशेष दल को प्राप्त हुए। जिसे सेना के जवानों ने एकत्रित कर गंगोत्री पहुंचाया और पुलिस को सौंप दिया था।आज सुबह सोमवार को कलक्ट्रेट परिसर में लापता जवान के शव के पार्थिव शरीर को सैन्य सम्मान के साथ विदा किया गया। लेफ्टिनेंट कर्नल हर्षदीप गहलोत ने इसपर कहा कि वर्ष 2005 की घटना की परिस्थितियों व जिस स्थान पर शव मिला उसकी परिस्थितियों के मिलान के आधार पर उसकी पहचान की गई है। जिस स्थान पर घटना घटी थी, ठीक उसी स्थान पर उसी स्थिति में शव बरामद हुआ है।
सतोपंथ आरोहण के दौरान लापता हुए जवान का शव 15 साल बाद सैन्य सम्मान के साथ हुआ विदा

