चतुर्थ केदार रुद्रनाथ मंदिर के कपाट बंद होने की तिथि घोषित हो गई है। आने वाली 17 अक्तूबर को कार्तिक संक्रांति के दिन रुद्रनाथ मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। उसी दिन रुद्रनाथ की विग्रह डोली पितृधार, पनार, ल्वींठी बुग्याल और ग्वाड़ गांव में जाख देवता के मंदिर से होते हुए सूर्यास्त होने से पहले शीतकालीन गद्दीस्थल गोपीनाथ मंदिर पहुंचेगी। भगवान रुद्रनाथ को लगने वाला राजभोग ल्वींठी बुग्याल में लगाया जाएगा। वहीँ,बताया गया है कि रुद्रनाथ मंदिर के कपाट 17 अक्तूबर को सुबह छह बजे बंद कर दिए जाएंगे। मंदिर में स्थित भोलेनाथ की शिलामूर्ति को बुखला (हिमालयी पुष्प गुच्छ) के फूलों से समाधि दी जाएगी। रुद्रनाथ की डोली विभिन्न पड़ावों से होते हुए 18 किलोमीटर की पैदल दूरी तय कर शीतकालीन गद्दी स्थल गोपेश्वर स्थित गोपीनाथ मंदिर पहुंचेगी।
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