नई दिल्ली : भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कहा कि उनके पास कड़ी मेहनत करते रहने और फिट रहने के अलावा कोई विकल्प नहीं है क्योंकि पेशेवर खेलों में किसी को उम्र संबंधी कोई छूट नहीं मिलती है। भारत और चेन्नई सुपर किंग्स के पूर्व कप्तान 43 साल के करीब पहुंचने के बाद बावजूद फिटनेस के मामले में शानदार है। उन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग के इस सत्र में छक्के मारने की क्षमता को बरकरार रखते हुए प्रभावित किया। इस सत्र की शुरुआत में रुतुराज गायकवाड़ को चेन्नई सुपर किंग्स की कप्तानी सौंपने वाले धोनी ने आईपीएल लीग चरण के सभी 14 मैच खेले और निचले क्रम पर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से काफी प्रभाव छोड़ा।
विश्व कप विजेता कप्तान ने 220.55 की शानदार स्ट्राइक रेट से 161 रन बनाए। इससे कई लोगों को यह विश्वास हो गया कि वह आईपीएल में दो और साल खेल सकते हैं। इस महान खिलाड़ी ने यह स्वीकार किया कि लीग से पहले कोई क्रिकेट खेले बिना सीधे आईपीएल आकर प्रदर्शन करना कठिन है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में धोनी ने कहा ‘सबसे मुश्किल बात यह है कि मैं पूरे साल क्रिकेट नहीं खेल रहा हूं। इसलिए मुझे फिट रहना होता है। जब यहां पहुंचता हूं तो आप उन युवाओं के खिलाफ प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं जो फिट हैं और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहे हैं। पेशेवर खेल आसान नहीं है, कोई भी आपको उम्र के हिसाब से छूट नहीं देता।
धोनी ने कहा अगर आप खेलना चाहते हैं, तो आपको अन्य लोगों की तरह फिट रहना होगा। ऐसे में खान-पान की आदतें, थोड़ा प्रशिक्षण पर काफी ध्यान देना होता है। सोशल मीडिया का आप पर काफी असर होता है लेकिन, शुक्र है कि मैं सोशल मीडिया पर नहीं हूं, इसलिए ध्यान कम भटकता है।
धोनी की युवाओं को सलाह- “फ़िटनेस से न करें समझौता “

