श्रीनगर : आज गुरूवार को केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह श्रीनगर आए है। वो आज से जम्मू कश्मीर व लद्दाख के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे। श्रीनगर के बडगाम में भारतीय सेना की तरफ से आयोजित शौर्य दिवस कार्यक्रम में रक्षा मंत्री ने हिस्सा लिया। यहां कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने देश की एकता और अखंडता को और बनाने की बात कही। और देश पर अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले वीर शहीद सैनिकों को याद करते हुए सम्बोधन दिया। शौर्य दिवस के वीर सैनिकों को उन्होंने नमन किया। उन्होंने कहा, जब देश में थी दीवाली, वो खेल रहे थे होली….
– राजनाथ सिंह ने कहा कि आज का यह शौर्य दिवस, उन वीर सेनानियों की कुर्बानियों और बलिदान को ही याद करने का बड़ा दिन है। उन सभी वीरों के त्याग और समर्पण को हृदय से नमन करने का दिन है।शौर्य दिवस के वीर सैनिकों को उन्होंने नमन किया। उन्होंने कहा, जब देश में थी दीवाली, वो खेल रहे थे होली….
– आज का यह शौर्य दिवस, उन वीर सेनानियों की कुर्बानियों और बलिदान को ही याद करने का दिवस है। आज का यह दिवस, उनके त्याग और समर्पण को हृदय से नमन करने का दिवस है.1947 में भारत और पाकिस्तान के बीच विभाजन की कथा लिखी गई। इस कथा की रक्तिम स्याही अभी सूखी भी न थी कि पाकिस्तान द्वारा विश्वासघात की एक नई पटकथा लिखी जानी शुरू हो गई थी।हमारी सेना को पहली जीत 1947 में मिली थी। भारतीय सेना महान सेना है।
भारत की ताकत की दीवार सैनिकों पर टिकी है।
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– कश्मीरियत के नाम पर आतंकवाद का जो तांडव इस प्रदेश ने देखा, उसका कोई वर्णन नहीं किया जा सकता है। धर्म के नाम पर कितना खून बहाया गया, उसका कोई हिसाब नहीं।
– आज भारत की जो एक विशाल इमारत हमें दिखाई दे रही है, वह हमारे वीर योद्धाओं के बलिदान की नींव पर ही टिकी हुई है। भारतीय सेना महान सेना है।
– कश्मीरियत के नाम पर आतंकवाद का जो तांडव इस प्रदेश ने देखा, उसका कोई वर्णन नहीं किया जा सकता है। धर्म के नाम पर कितना खून बहाया गया, उसका कोई हिसाब नहीं।

