राज्य के चंपावत जिले में टनकपुर-घाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगातार बारिश से हुए भूस्खलन के कारण करीब दो दर्जन लोग अब भी फंसे हुए हैं। फंसे लोगों के लिए चंपावत जिला प्रशासन ने ठहरने और खाने-पीने की व्यवस्था की है। मलबा हटाकर मार्ग खोलने का कार्य किया जा रहा है।
150 लोग फंस गए थे
लगातार बारिश के दौरान मंगलवार को राष्ट्रीय राजमार्ग पर आठ स्थानों पर पहाड़ों से हुए भूस्खलन के चलते यातायात बंद हो गया था जिससे करीब 150 लोग फंस गए थे।
इनमें से ज्यादातर लोगों को देवीधुरा के रास्ते हल्द्वानी भेज दिया गया जबकि करीब दो दर्जन लोग अब भी अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए मार्ग से मलबा के हटाए जाने का इंतजार कर रहे हैं।
सात स्थानों पर मंगलवार शाम तक वाहनों का आवागमन सुचारू कर दिया गया लेकिन विश्रामघाट में भारी मलबा आने तथा लगातार बारिश होने से मार्ग अभी साफ नहीं हो पाया है।
मुख्यमंत्री धामी ने खुद लिया जायजा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बुधवार को उत्तरकाशी के बादल फटने से प्रभावित गांवों मांडौ और कंकराडी की स्थिति का जायजा लेने के लिए वहां पहुंचे और उन्होंने प्रभावितों को सरकार से हरसंभव मदद का भरोसा दिया।
उन्होंने ग्रामीणों की मांग पर उत्तरकाशी के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित को मांडौ गांव के विस्थापन की प्रक्रिया शुरू करने के भी निर्देश दिए।
प्रदेश के अनेक स्थानों पर हो रही बारिश से नदियों के बढ़े जलस्तर को देखते हुए नदियों के किनारे रहने वाले लोगों तथा पर्यटकों को नदीनालों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

