भारी बारिश में बह गए कुलागाड नाले पर बने कंक्रीट पुल के विकल्प के तौर पर बेली ब्रिज बनाकर 21 जुलाई को उस पर यातायात शुरू कर दिया गया।
दरअसल, आठ जुलाई को इस पुल के बहने से पिथौरागढ़ जिले की दारमा, व्यास और चौदास घाटियों के करीब 150 गांवों का संपर्क टूट गया था। सीमा सड़क संगठन ने यह वैकल्पिक पुल बनाया है।
इस 170 फीट लंबे पुल के बनने से इन घाटियों और भारतचीन सीमा पर स्थित सुरक्षा चौकियों का जिले के विभिन्न हिस्सों से पुन: संपर्क जुड़ गया है।
रिकॉर्ड समय में बना पुल
विषम भौगोलिक परिस्थितियों और खराब मौसम की चुनौतियों के बीच यह वैकल्पिक पुल केवल पांच दिन में तैयार किया गया है।

