जोशीमठ भू धंसाव मामले में प्रदेश मंत्रिमंडल ने प्रभावित परिवारों को बड़ी राहत देते हुए अगले छह माह तक बिजली और पानी का बिल माफ किया है। जिन प्रभावित परिवारों व व्यक्तियों ने बैंकों से ऋण लिए हैं, उनकी किस्तों की वसूली को अगले एक साल तक के लिए टाली गई है। आज शनिवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में ये फैसले हुए,जिनमें सीएम धामी पूरी तरह से जोशीमठ भू धंसाव के विषय केंद्रित रहे। आज इस बैठक में सहकारी बैंकों से संबंधित ऋण के मामलों में तत्काल प्रभाव से वसूली पर रोक लगाने के निर्देश दिए।
निजी और राष्ट्रीयकृत बैंकों से जुड़े ऋणों की वसूली को एक साल के लिए स्थगित करने के संबंध में प्रदेश सरकार केंद्र से अनुरोध करेगी। बैठक में 18 प्रस्ताव आए, लेकिन सभी प्रस्तावों को स्थगित कर दिए गए। कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल और गणेश जोशी मौजूद रहे बैठक के बाद मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु एवं सचिव अपदा प्रबंधन डॉ. रंजीत सिन्हा ने कैबिनेट के फैसलों के बारे में बताया।जो आपदा में प्रभावित परिवार घर नहीं लेना चाहते व्यक्तियों के मध्य सर्वे होगा। उन्हें पैकेज के रूप में धनराशि दी जाएगी।राज्य सरकार एक हफ्ते के भीतर राहत पैकेज का प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को भेजेगी।
बढ़ा किराया –गौरतलब है कि पहले सरकार ने प्रभावितों के विस्थापन पर किराये के मकानों पर रहने के लिए 4000 रूपए देने की बात कही थी लेकिन अब ये रकम बढाकर प्रति माह 5000 रुपये कर दी गई है। जो किराया उन्हें छह माह तक मिलेगा। डीएम की रिपोर्ट पर किराये में बढ़ोतरी आवश्यक होगी तो इसके लिए मुख्यमंत्री को फैसला लेने के लिए अधिकृत किया गया।

