रुद्रपुर: आज उत्तराखंड के सीएम रुद्रपुर के गांधी पार्क में दीप प्रज्ज्वलित कर लोक योजना अभियान के तहत कुमाऊं के त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों के सम्मेलन में उसका शुभारंभ करने पहुंचे। सीएम ने सम्बोधन में कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें अपनी कैबिनेट बैठकों में विकास से संबंधित चाहे जितने प्रस्ताव पास कर दें, लेकिन जब तक ग्राम प्रधान, बीडीसी सदस्य और जिला पंचायत सदस्यों का सहयोग नहीं मिलेगा कोई भी योजना को जमीनी हकीकत बनाना मुश्किल होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं को सही ढंग से लागू करवाने की जिम्मेदारी पंचायत प्रतिनिधियों पर ही है। सीएम ने घोषणा की कि पूर्व की भांति राज्य के जिला पंचायत अध्यक्षों को दर्जा मंत्री बनाया जाएगा। ये बात आज मुख्यमंत्री धामी ने रुद्रपुर में कार्यक्रम के दौरान कही।
सीएम ने डीएम और सीडीओ को निर्देश भी दिए कि जिले में जिन लोगों को प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के लिए पूरे दस्तावेज नहीं होने के कारण लाभ नहीं मिल पा रहा है, उनका नाम सूची से निष्काषित नहीं किया बल्कि सरकार शीघ्र ही इसका विकल्प निकालेगी, ताकि कोई भी जरूरतमंद सरकारी योजनाओं के लाभ मिल सके। सीएम ने आज ये भी कहा कि प्रत्येक जिले में नशा मुक्ति केंद्र खोले जाने की तैयारी है। इससे पूर्व मुख्यमंत्री धामी का गांधी पार्क में आयोजित सम्मेलन में पहुंचने पर कुमाऊंनी वाद्य यंत्रों के साथ स्वागत किया गया। सम्मेलन में कुमाऊं मंडल के सभी जिलों से पहुंचे करीब 5000 पंचायत प्रतिनिधियों को लोक योजना अभियान के चलते ट्रेनिंग दी गई है।
आज कार्यक्रम में जिला प्रभारी मंत्री यतीश्वरानंद, खेल मंत्री अरविंद पांडेय, विधायक राजकुमार ठुकराल, किच्छा विधायक राजेश शुक्ला, मेयर रामपाल सिंह, पिथौरागढ़ की जिला पंचायत अध्यक्ष दीपिका बोरा, नैनीताल की बेला तोलिया, बागेश्वर की बसंती देव, अल्मोड़ा की उमा बिष्ट, चंपावत की ज्योति राय, उत्तराखंड ग्राम प्रधान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष भाष्कर संभल, भाजपा जिलाध्यक्ष शिव अरोरा, सुरेश गंगवार, राजेंद्र बिष्ट, कुंडल महर, मनोहर आर्या, धर्म सिंह कोली आदि थे।
आज सीएम ने कार्यक्रम में कोरोना महामारी के दौरान सराहनीय कार्य करने वाले ग्राम प्रधानों और ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मान दिया।

