CAA पर शुरू हुई राजनीति, केजरीवाल ने कहा चुनावी फायदा – क्या है नागरिकता संशोधन कानून ?

नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने नागरिकता संशोधन कानून यानी सीएए को लागू होने के बाद से अलग अलग विपक्षी प्रतिक्रिया आ रहीं हैं। इसी के साथ ही अब देशभर में नागरिकता संशोधन कानून लागू हो चुका है। जिसके बाद सियासत गरम हो गई है।केंद्र सरकार के इस फैसले को आलोचना का सामना आए दिन करना पड़ रहा है।  यही इसपर अब चुप्पी तोड़ते हुए दिल्ली  मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने आज नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की।

जिसमें उन्होंने कहा कि ये वोट बैंक बनाने का खेल है, भाजपा वोट बैंक की राजनीति करने में लगी हुई है।   मुख्यमंत्री ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि ये अपने देश हक पाकिस्तानियों को दे रहे हैं। सीएए से उत्तर पूर्व के राज्यों को ज्यादा नुकसान पहुंचेगा और दूसरे देश बाहरी लोगों को आने से रोकते हैं। भाजपा चुनावी फायदे के लिए सीएए लाई है। भाजपा अपना वोट बैंक तैयार कर रही है। देश की मांग है कि सीएए को वापस लिया जाए। देश के युवाओं को रोजगार प्राप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि अपने बच्चों के लिए तो रोजगार है नहीं और पाकिस्तानियों को बुलाकर रोजगार देना चाहते हैं। ये बात मुझे समझ नहीं आती मेरे समझ के परे है। जो भारत छोड़कर चले गए, उन कारोबारियों को वापस लाएं ना, ताकि नई फैक्ट्रियां खुलें और अपने बच्चों को रोजगार मिले।
ये है CAA –
नागरिकता संशोधन विधेयक से अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई अवैध प्रवासियों को नागरिकता के लिए पात्र बनाने के लिए नागरिकता अधिनियम, 1955 में संशोधन हुआ है।  साथ ही नागरिकता संशोधन विधेयक 9 दिसंबर 2019 को लोकसभा में प्रस्तावित किया गया था। 9 दिसंबर 2019 को ही विधेयक सदन से पारित हो गया। 11 दिसंबर 2019 को यह विधेयक राज्यसभा से पारित हुआ था। इसके अलावा इसके कुछ प्रावधान भी है जिनमें आवेदक को पिछले 12 महीनों के दौरान और पिछले 14 वर्षों में से आखिरी साल 11 महीने भारत में रहना चाहिए। कानून में छह धर्मों (हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई) और तीन देशों जिसमें (अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान) से संबंधित व्यक्तियों के लिए 11 वर्ष की जगह छह वर्ष तक टाइम दिया है और  कानून में यह भी प्रावधान है कि यदि किसी नियम का उल्लंघन किया जाता है तो ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (ओसीआई) कार्डधारकों का पंजीकरण खारिज हो जाएगा।

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