चमोली जिले के थराली में रात से जबरदस्त बारिश के बाद बीच सोल घाटी के ऊपरी क्षेत्रों में चमक और तेज गर्जना के साथ भारी बारिश हुई। ब्रह्मताल सुपताल और भेकल ताल क्षेत्र में बादल फटने से पहाड़ के पहाड़ बहकर प्राणमति नदी में आ बसे। नदी विकराल रूप ले रही है।
नदी के साथ बड़े-बड़े बोल्डर और सैकड़ों पेड़ तिनके की तरह बहने लगे। नदी की गर्जना पांच किलोमीटर से अधिक दूर तक सुनाई दे रही थी। जैसे ही नदी में तेज आवाज आनी शुरू हुई क्षेत्र ,ग्रामीणों ने थराली, कुलसारी, हरमनी में नदी किनारे रह रहे लोगों को घरों से निकलकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे हैं। प्राणमति नदी ने जो तबाही मचाई थी उससे भी अधिक मात्रा में मलबा फिर इस क्षेत्र में घुसा और फिर से वहां सैलाब आ गया।

