वैश्विक बीमारी कोरोना ने अब फिरसे अपनी रफ़्तार तेज़ की है पूरे भारत में कोरोना इ बचाव के लिए अभी तक कुल दो वैक्सीन थीं लेकिन अब अन्य दो और वैक्सीन को हरी झंडी मिली है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने कोवोवैक्स और कोर्बीविकेस को आपात स्थिति के लिए मंजूरी दी है। इसके अलावा एंटीवायरल दवा को भी इज्जाजत दी गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने ट्वीट करके इस बात की जानकारी साँझा की है।
आपको बतादें कि आज मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया ने बताया है कि कॉर्बेवैक्स वैक्सीन भारत का पहला स्वदेशी रूप से विकसित RBD प्रोटीन सब-यूनिट वैक्सीन है। इसे हैदराबाद स्थित फर्म बायोलॉजिकल-ई में बनाया गया है। यह भारत में विकसित हुआ तीसरा टीका है। वहीं, कोवोवैक्स का निर्माण पुणे स्थित फर्म सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा होगा। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए भारत के पास अभी तक भारत में आठ वैक्सीन को मंजूरी है। इसमें भारत की स्वदेशी निर्मित वैक्सीन कोविडशील और कोवाक्सिन है। भारत में सबसे ज्यादा कोविडशील की खुराकें लोगों को लगाई गयीं हैं। इन दोनों ही टीकों को विश्व स्वास्थ संगठन की ओर से भी मंजूरी मिल चुकी है।
3 जनवरी से बच्चो को भी लगेगा टीका –आगामी तीन जनवरी नए वर्ष में 15 से 18 साल के लोगों को भी टीका लगाना शुरू हो रहा है। 1 जनवरी से कोविन एप पर बच्चे टीकाकरण के लिए रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। माना जा रहा है कि बच्चों को भारत बायोटेक की कोवाक्सिन का टीका लगाया जाएगा। ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) ने बच्चों के लिए कोवाक्सिन को आपात इस्तेमाल के लिए मंजूरी दे दी है।

