आज बुधवार को प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्टके कई प्रावधानों की संवैधानिकता को चुनौती देने वाली याचिका पर आज बड़ी सुब्वाइ होगी जिसके बाद फैसला आ सकता है। आज सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई के बाद इस मामलें पर फैसला सुनाया जाएगा। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी )के अधिकार और हदें तय कर दी जाएंगी। ख़बरों की मानें तो, ईडी की शक्तियों, गिरफ्तारी के अधिकार, गवाहों को समन व संपत्ति जब्त करने के तरीके और जमानत प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला सुनाएगी।इस कानून के कई प्रावधानों को चुनौती देने वाली 100 से ज्यादा याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हुई थीं जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट अहम फैसला लेने जा रहा है।
ये याचिकाएं कांग्रेस नेता कार्ति चिदंबरम, एनसीपी नेता अनिल देशमुख व अन्य की ओर से दायर की गई थीं। न्यायमूर्ति एएम खानविलकर की अध्यक्षता वाली पीठ इस मामले में सुनवाई करेगी। पीठ में न्यायमूर्ति सीटी रवि कुमार व दिनेश माहेश्वरी भी शामिल हैं। वहीं न्यायमूर्ति खानविलकर 29 जुलाई को सेवानिवृत्त होंगें।
आपको बतादें कि ये पीएमएलए कानून 17 साल पहले लागू हुआ और अभी तक कानून के तहत 5,422 मामले दर्ज हुए हैं। इसके अलावा 23 लोगों को ही दोषी ठहराया गया है। 31 मार्च तक ईडी ने एक लाख करोड़ से ज्यादा की संपत्ति अटैच की है और 992 मामलों में चार्जशीट दायर की है।

