पंजाबी फिल्म स्टार दीप सिद्धू आज किसान परेड के दौरान हुई हिंसा का विलेन बनकर उभरा है। उस पर आरोप है कि उसने लाल किले पर झंडा फहराने के लिए भीड़ को उकसाया और हिंसा कराई।
आपको बता दें कि दीप सिद्धू को बीजेपी सांसद का करीबी समझा जाता रहा है। इसीलिए किसान यूनियनें आंदोलन की शुरुआत में पंजाब-अम्बाला बॉर्डर पर हुए प्रदर्शन के वक्त ही उससे दूरी बना चुकी थी।
दीप सिद्धू कई पंजाबी व बॉलीवुड फिल्मों में काम कर चुका है। वो खुद को सोशल एक्टिविस्ट कहता है तथा कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन में भी सक्रीय है।
हालांकि पंजाब की 32 किसान यूनियनें दीप व गैंगस्टर लक्खा सिढाना को आंदोलन का दुश्मन कहती रही हैं।
इन दोनों पर किसान आंदोलन को धार्मिक रंग देने के आरोप लगते रहे हैं। इनको खालिस्तानी समर्थक भी कहा जाता है।
दीप सिद्धू ने 2019 लोकसभा चुनावों में पंजाब के गुरदासपुर से भाजपा सांसद व फ़िल्म अभिनेता सन्नी देओल के चुनाव प्रचार की कमान संभाली थी।
आज हुए घटनाक्रम के अनुसार दीप सिद्धू पर लाल किले पर निशान साहिब व किसान यूनियन का झंडा फहरवाने का आरोप लग रहा है।
इसकी पुष्टि खुद दीप ने फेसबुक पर एक वीडियो पोस्ट कर की है।

उसने कहा कि कृषि कानूनों को रद्द कराने के लिए आंदोलनरत किसानों द्वारा निकाली गयी ट्रेक्टर परेड के दौरान लाल किले तक यात्रा निकली।
सिद्धू ने कहा कि हमने लाल किले पर निशान साहब व किसान मजदूर एकता का झंडा फहराया। जिसके पीछे की पोस्ट पर तिरंगा लहरा रहा था।
उन्होंने कहा कि हमने तिरंगे को उतारा नहीं बल्कि खाली पोस्ट पर दोनों झंडे फहराए थे। दीप ने कहा कि हमने देश की अखंडता व एकता को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया।
सिद्धू ने कहा कि उनका आंदोलन शांतिपूर्वक हुआ। दीप पर भीड़ को उकसाने व पुलिस के प्रति हिंसा भड़काने के भी आरोप लग रहे हैं।

