नई दिल्ली/लखनऊ: आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के आखिरी बजट पेश किया गया है। इस बजट में हर वर्ग को साधने का प्रयास किया गया। इनकम टैक्स छूट की सीमा 7 लाख रुपये बढ़ा दी गई। नए टैक्स स्लैब को भी जारी किया गया है। बजट-2023 की यह सबसे अहम घोषणा रही है। लेकिन, इसके साथ-साथ कई बड़ी घोषणाएं हुई हैं। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना की घोषणा इसी में से एक है। इस योजना में स्किल्ड प्रोफेशन में लगे लोगों को सीधे-सीधे फायदा पहुंचाया जाएगा। योजना के जरिए उनके स्किल को और बेहतर बनाने की योजना पर काम होगा। इसके अलावा उन्हें नई टेक्नोलॉजी से लैस करने और जरूरत के हिसाब से फंड की उपलब्धता की व्यवस्था होगी। विश्वकर्मा सम्मन को यूपी की सियासत के हिसाब से देखें तो यह एक ऐसे वर्ग को साधने की कोशिश है, जो हमेशा से फ्लोटिंग वोटर के रूप में जाना जाता है ।वर्ष 2014 में नरेंद्र मोदी सरकार को केंद्र की सत्ता तक पहुंचाने में ओबीसी वर्ग की बड़ी भूमिका रही थी। उत्तर प्रदेश में पीएम नरेंद्र मोदी के साथ गैर यादव ओबीसी का हमेशा जुड़ाव रहा है। वर्ष 2017 और 2022 के विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव 2019 में यह वर्ग भारतीय जनता पार्टी के साथ रहा।
यूपी में ओबीसी वोटरों को लुभाने में लगी भाजपा

