बैंक ऑफ इंडिया के शाखा प्रबंधक और कैशियर पर बढ़ी कार्रवाई हुई है। दोनों पर लाखों का गवन का आरोप लगाया गया है।इन अधिकारियों ने चेक के माध्यम से जमा किए गए पांच लाख रुपये को ग्राहक के खाते में नहीं डाले हैं। चेक जारी कर्ता बैंक ने इस चेक को कैश किया था। ग्राहक की शिकायत पर प्रबंधक और कैशियर के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था।
मामला बैंक ऑफ इंडिया की राजपुर रोड स्थित शाखा से है। बैंक के ग्राहक सचिन डोभाल निवासी देवल, पुरोला उत्तरकाशी ने शिकायत की। सचिन ने पुलिस को जानकारी दी और उन्हें अनिता भूषण नाम की महिला ने पांच लाख रुपये का एसबीआई का चेक दिया था। बैंक ऑफ इंडिया के खाते में गत सात अगस्त को जमा कर दिया। 10 अगस्त तक भी यह रकम उनके खाते में जमा नहीं की थी। अनिता भूषण को फोन किया तो उन्होंने अपने बैंक से संपर्क किया। कैश का भुगतान अगले दिन यानी आठ अगस्त को ही जारी कर दिया गया था।
10 अगस्त को बैंक के अधिकारियों से इसकी पूछताछ की और काउंटर के सीसीटीवी कैमरों में भी तस्दीक हुई ,डबल क्रॉस किया गया था जो कि किसी के माध्यम से भी कैश नहीं किया जा सकता है।

