गौरतलब है कि अभी कुछ ही दिनों पहले इंग्लैंड की संसद में सांसदाें पर मनमानी कपडे पहनकर आने पर रोकथाम लगी है जिसके तहत अब वहां जींस, टी-शर्ट न पहनकर सांसदों के आने पर मनाही है। इस तरह की खबरें वैसे दुनिया के संस्थान व शिक्षण संस्थाओं में सुनाई देती हैं। इस नियम को कुछ एक ने ही छोड़ा होगा और कुछ इसका विरोध भी करते हैं। आपको बतादें कि अभी ये पहली बार नहीं हुआ है बल्कि इससे पूर्व भी उत्तराखंड के पूर्व सीएम ने भी फटी जींस को लेकर बयान दिया था जिस पर जमकर हंगामा बरपा था। लेकिन अब ये फरमान उत्तराखंड के बागेश्वर के डीएम ने जारी किया है। जिसके चलते सरकारी अफसर और कर्मचारी जींस में न आने का फरमान जारी हुआ है। डीएम ने तो बाकायदा नियम तोड़ने पर कार्रवाई की भी बात कही है। डीएम का मानना है कि सरकारी कर्मी की गरिमा बनी रहनी चाहिए।जिलाधिकारी कार्यालय से बुधवार को इसके लिए एक ज्ञापन जारी हुआ है। वह इंटरनेट मीडिया पर दिन भर दौड़ता रहा। जिसके बाद अफसर और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। जिलाधिकारी ने जनपद स्तरीय अधिकारियों और कर्मचारियों को ड्रेस कोड का अनुपालन करने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि एक राजकीय कर्मचारी को शोभा नहीं देता है। कार्यालय प्रबंधन की छवि खराब होने के साथ ही समाज में गलत तरीके से संदेश भी जाता है। आज उन्होंने अधिकारी, कर्मचारियों को कार्यालय अवधि में पूर्ण गणवेश के साथ आने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी अधिकारी, कर्मचारी जींस व टी-शर्ट आदि पहन कर आते हैं तो उसे गंभीरता से लिया जाएगा।
बागेश्वर डीएम की सख्ती,सरकारी बाबू और अधिकारी अब जींस टी शर्टंव में नहीं आएंगें ऑफिस

