सुप्रीम कोर्ट ने आज बुधवार को निचली अदालत के एक आदेश पर रोक लगाईं है जिसमें समाजवादी पार्टी नेता आजम खां को आवाज का नमूना देने का आदेश हुआ था। आजम पर साल 2007 में बसपा प्रमुख मायावती के खिलाफ एक विवादित टिपण्णी की थी। उनपर भाषण में अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप है।
इस मामले में निचली अदालत ने उन्हें अपनी आवाज का नमूना देने का निर्देश दिया था जो खारिज कर दिया गया है। इससे आज़म खान को राहत पहुंची है। बसपा नेता धीरज कुमार शील ने मुकदमा दर्ज कराया था।
विधि विज्ञान प्रयोगशाला को सपा नेता की आवाज का सैंपल लेने के निर्देश हुए थे। 25 अगस्त को प्रयोगशाला में आवाज का नमूना लेने की तारीख तय की थी।

