उमेश पाल ने माफिया अतीक अहमद से पांच करोड़ रुपये लिए थे और वह अतीक को ही धोखा देने की फिराक में आ गया। अतीक गुजरात जेल जाने के बाद उसने कई बेशकीमती जमीनों के सौदे किए। पुलिस-प्रशासन में अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर जमीनों के फर्जी दस्तावेज तैयार कब्जा कर लिया। जब अतीक को ये मालूम हुआ कि उमेश से खतरा महसूस हुआ . प्रयागराज में अपना राज डर से उसने उमेश को ठिकाने लगाने की योजना तैयार की। उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो जांच में कुछ ऐसे तथ्य सामने आए हैं जो अतीक और उमेश के बीच बढ़ती दुश्मनी की पुष्टि करते हैं। प्रयागराज में कमिश्नरेट गठित होने के बाद दो-तीन महीने तक पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच ऊहापोह का उमेश ने भरपूर फायदा उठाया। अतीक के करीबियों की जमीनों के सौदे में दखल देने लगा था। पुलिस ने बताया है कि वारदात के बाद अतीक ने जेल में अपने करीबियों से कहा कि मैं कई बार सांसद और विधायक रह चुका हूं। इस बार मुझसे बड़ी गलती हो गई। विधानसभा का सत्र चलने के दौरान ये घटना नहीं होनी चाहिए थी इसमें मेरी टाइमिंग ग़लत हो गई।
उमेश पाल हत्याकांड में अतीक ने कही ये बात- सभी हैरान

