चमोली जिले के जोशीमठ कस्बे में लगातार हो रहे भूधंसाव का अब सर्वे किया जाएगा। आपदा प्रबंधन सचिव डॉ. रंजीत सिन्हा ने इस संबंध में जिलाधिकारी को निर्देश दिए हैं। ये भी कहा गया है कि भूधंसाअब जनवरी को बैठक रखी जाएगी।
जोशीमठ लंबे समय से भूधंसाव की जद में है। सैकड़ों घरों में दरार पड़ने की बात सामने निकलकर आई है। कुछ माह पहले शासन के निर्देश पर गठित वैज्ञानिकों की टीम ने वहां का सर्वे कर रिपोर्ट सौंपी थी। टीम ने समस्या के समाधान के लिए कई सुझाव भी दिए थे। इसी कड़ी में शासन ने सिंचाई विभाग को जोशीमठ के ड्रेनेज प्लान और इसकी डीपीआर तैयार किए जाने को कहा गया है।
आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग के सचिव डॉ. रंजीत सिन्हा के मुताबिक, सीवर सिस्टम से जुड़े कार्यों को जल्द पूरा कराकर क्षेत्र के हर घर को सीवर लाइन से जोड़ा जाएगा। डीपीआर के लिए 20 जनवरी को टेंडर निकाला जा रहा है। डीपीआर बनाते हुए जियो टेक्निकल अध्ययन भी कराया जाएगा। सिंचाई विभाग के सचिव हरिचंद सेमवाल ने बताया कि अल्मोड़ा में ड्रेनेज प्लान और इसकी डीपीआर तैयार की जा चुकी हैं।उन्होंने ये भी कहा है कि जोशीमठ में भूधंसाव रोकने और भविष्य में बड़ी आपदा से बचने के लिए ड्रेनेज व सीवरेज सिस्टम को तत्काल मरम्मत करनी होगी।

