बीते डॉन वर्षों से कोरोना संक्रमण के चलते दो साल के लंबे इंतजार के बाद अब वह वक्त आ गया है जब शिवभक्तों की टोलियां बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए निकले जी हाँ आपका हुआ इंतज़ार ख़त्म क्यूंकि बाबा के दर्शन के लिए पहला जथ्था तो रवाना भी कर दिया जाएगा। अमरनाथ यात्रा इस बार 30 जून से आरंभ हो रही है। शिवभक्तों का पहला जत्था 30 जून बृहस्पतिवार को रवाना होगा। बताया गया है कि इस बार की अमरनाथ यात्रा कुछ अलग और खास होगी।
प्रशासन ने भी सुरक्षा के खास इंतजाम किए हैं और नियमों में भी काफी बदलाव हुए हैं और साथ ही पहली बार ऐसा होने जा रहा है कि बेस कैंप से रवाना होने वाले यात्रियों की मीडिया कवरेज की इजाजत नहीं होगी। इसके साथ ही विशेष रूप यात्रियों की पूरे ट्रैक पर निगरानी की जाएगी और जगह-जगह पर चेक पॉइंट बनाए गए हैं। इस साल अमरनाथ यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की अधिकतम उम्र की सीमा भी कम रखी जा रही है। पहले अधिकतम 75 साल की उम्र तक के लोग अमरनाथ यात्रा में शामिल हो सकते थे, लेकिन इस बार यह सीमा घटाकर 70 साल ही इसको रखा गया है।
आपको बतादें की इस वर्ष की यात्रा के लिए जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा के प्रधान सचिव नीतीश्वर कुमार ने अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले तीर्थयात्रियों को बताया है कि उन्हें क्या करना चाहिए और क्या नहीं। उन्होंने कहा कि अमनाथ यात्रा पर आने की तैयार कर रहे सभी भक्तों को सुबह की सैर पर जाना चाहिए। इसके अलावा सांस लेने के व्यायाम करने चाहिए। साथ ही साथ उन्हें गर्म कपड़े, जरूरी खाने की चीजें अपने साथ रखनी चाहिए। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने यात्रियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया है।

