लखीमपुर: यूपी के लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा के बाद चारों तरफ कोहराम मचा हुआ है। जिसके बाद भाजपा के नेता और प्रवक्ता अपने नेता और गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के बचाव में लगे हैं,लेकिन विपक्ष का वार लगातार टेनी पर बना हुआ है और अब चाहे मंत्री का कितना भी बचाव हो, लेकिन टेनी का केंद्रीय मंत्री का पद बचे रहना बेहद कठिन सा है। लखनऊ मीडिया की मानें तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखीमपुर खीरी की घटना को लेकर प्रधानमंत्री को अपनी परेशानी जाहिर की है। राज्य सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट भेजी है। लखीमपुर खीरी प्रकरण से न केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बल्कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा आहत बताए जा रहे हैं। पूरा प्रकरण किसानों से जुड़ा है और इसलिए टेनी की परेशानी बढ़ना तय माना जा रहा है। इस मामलें पर पीएम मोदी कोई बड़ा फैसला सूना सकतें हैं। कृषि मंत्री तोमर के सचिवालय से गुप्त मिल रही जानकारी के मुताबिक़, इस तरह की घटनाएं नहीं होनी चाहिए। हालांकि वह कहते हैं कि यह संगठन और उत्तर प्रदेश सरकार से जुड़ा मामला है। केंद्रीय कृषि मंत्रालय के कामकाज से इसका कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन मीडिया और सोशल मीडिया में जो प्रसारित हो रहा है।
मामला केंद्र सरकार के मंत्री से जुड़ा है जिसमें परिवार भी सम्मिलित है। माना जा रहा है कि आशीष मिश्रा पर पुलिस और जांच एजेंसी की जांच जब शुरू हुई जिसमें केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के खिलाफ कार्यवाही का दबाव बनने लगेगा। इस प्रक्रिया के बाद अब उत्तर प्रदेश भाजपा और राज्य सरकार पर भी इसकी कुछ न कुछ आंच आ सकती है। इसलिए सरकार और भाजपा का संगठन दोनों जांच प्रक्रिया, वायरल वीडियो की सच्चाई की जांच का सहारा लेकर काफी गंभीर है और संभल कर जांच कर रहे हैं। वरिष्ठ सूत्रों का कहना है कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पीडि़तों के लिए मुआवजे की घोषणा के बाद मामला ठंडा पड़ने लगा था, लेकिन वायरल हुए वीडियो ने इसे फिर से भड़का दिया है।आपको बतादें कि इस पूरे मामले को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारी लगातार राज्य सरकार से बातचीत में लगे हुए हैं। यूपी पुलीस के कुछ अधिकारीयों का कहना है कि पोस्ट मार्टम रिपोर्ट आ चुकी है और अब जल्द ही कार्रवाई में तेजी देखने को मिलेगी।

