चंद्रयान-3 की सफलता के बाद भारत ने नई ऊँची उड़ान भरने को कमर कस ली है। सूर्य मिशन ‘आदित्य एल-1’ को प्रक्षेपित करेगा। प्रक्षेपण भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के रॉकेट पीएसएलवी से किया जाएगा। सूर्य की जानकारी के लिए ‘आदित्य एल-1’ को धरती से 15 लाख किलोमीटर दूर ‘लैग्रेंजियन-1’ बिंदु तक पहुंचने का समय करीब 125 का होगा। प्रक्षेपण के लिए शुक्रवार को 23.10 घंटे की उलटी गिनती शुरू कर दी गई है।
इसरो के आदित्य एल-1 मिशन के लॉन्च को सामने से देखने स्कूल के बच्चे भी मौजूद हैं। आदित्य एल1 मिशन पर जवाहरलाल नेहरू तारामंडल में प्रोग्रामिंग मैनेजर प्रेरणा चंद्रा ने कहा कि अन्य देशों की अंतरिक्ष एजेंसियां पहले ही सूर्य पर अवलोकन कर चुकी हैं। अब आदित्य एल1 के साथ हमारे पास सूर्य के कई आंकड़े मिल पाएंगे। अंतरिक्ष के मौसम और आगामी अंतरिक्ष अभियानों को समझने में सहायता होगी।

