विस चुनावों में कांग्रेस को मिली हार को अभी तक हरीश रावत के बयानों में देखा जा सकता है। अब पार्टी के भीतर उपजी गुटबाजी होने लगी है जिसके चलते पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने लगातार दूसरे दिन पार्टी के ही कुछ नेताओं पर उनके खिलाफ साजिश करने की बात कही है। इस बार हरदा ने कहा है कि “भाजपा के लोग तो ऐसा नहीं कर पाए, लेकिन इधर कांग्रेस के ही कुछ लोग उनका राजनैतिक कॅरिअर खत्म करने की साजिश की है।”
बीते दिन सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बोलै कि जो काम भाजपा के लोग इतने वर्षों में नहीं कर पाए, उसे अब कांग्रेस के लोग अंजाम देना चाहते हैं। बिना किसी का नाम लिए हरीश ने कहा कि उन्हें मेरी हार से भी चैन नहीं है। सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ आग उगल रहे हैं, उनके सोशल अकाउंट चेक कर लिए जाएं तो स्पष्ट हो जाएगा कि वह किस के आदमी हैं। उन्होंने कहा कि उनका झगड़ा किसी से नहीं है। वह तो न्याय और सम्मान की लड़ाई लड़ रहे हैं। जिस तरह से उनके खिलाफ एक झूठा प्रोपगंडा रचा जा रहा है, उससे व्यथित हैं।
उन्होंने ये भी कहा कि पार्टी की हार के बाद हमने इसका नैतिक अधिकार खो दिया है। किसको क्या बनाया जाता है, यह अब पार्टी हाईकमान को तय करना है। गणेश गोदियाल का बचाव करते हुए हरीश ने कहा कि उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए यथासंभव सबको जोड़ने का प्रयास किया

