गौरतलब है कि सियाचिन ग्लेशियर में पेट्रोलिंग के दौरान शहीद होने वाले कान्हर वाला भानियावाला निवासी जगेंद्र सिंह चौहान की शहादत ने सभी को ग़मग़ीन कर दिया है। आज शुक्रवार को उनके पार्थिव शरीर को आवास पर लाया गया है। पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका पार्थिव शरीर आवास पर पहुंचाया गयाहै। जैसे ही सही का पार्थिव शरीर घर लाया गया पूरा गांव शोकाकुल होकर तेज़ तेज़ रोकर दहाड़े मारने लगा.
हरिद्वार में होगा अंतिम संस्कार-आज बस कुछ ही देर में शहीद के पार्थिव शरीर का पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए हरिद्वार ले जाया जाएगा। सियाचिन ग्लेशियर में लैंड स्लाइडिंग होने से कान्हरवाला निवासी 325 लाइट एडी हवलदार जगेंद्र सिंह चौहान शहीद हो गए थे। शहीद का पार्थिव शरीर 23 फरवरी तक पहुंचने की उम्मीद थी, लेकिन आज शुक्रवार सुबह 8.30 बजे उनका शव घर पहुंचा है।
आज घर आ रहे थे जगेंद्र –जगेंद्र सिंह चौहान 25 फरवरी को घर छुट्टी पर आ रहे थे। वो घर तो आए, लेकिन तिरंगे में लिपटकर। उनके शहीद होने की सूचना मिलते ही पत्नी किरन चौहान और माता विमला चौहान गहरे सदमे में हैं। करीब चार साल पहले उनका विवाह हुआ था।

