हैदराबाद : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इक्रीसैट के स्वर्ण जयंती समारोह के संबोधन में कहा कि कृषि क्षेत्र में देश को गरीबी से बाहर निकालने का सामर्थ्य है। उन्होंने कहा कि कृषि में देश की एक बहुत बड़ी आबादी को गरीबी से बाहर निकालकर बेहतर जीवन जीने की क्षमता है। ये अमृतकाल कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में किसानों को कठिनाइयों से बाहर निकालने के नये माध्यम भी उपलब्ध कराएंगे।
प्रधानमंत्री ने शनिवार को हैदराबाद के इंटरनेशनल क्रॉप रिसर्च इंस्टीट्यूट फॉर सेमी-एरिड ट्रॉपिक्स में सभा को संबोधित करते हुए कहा कि हमने देखा है कि सिंचाई के अभाव में देश का एक बहुत बड़ा हिस्सा अभी तक ग्रीन रिवोल्यूशन का हिस्सा नहीं बन पाया।उन्होंने कहा कि विश्व समुदाय से भारत ने क्लाइमेट चैलेंज से निपटने का विशेष अनुरोध किया है।
पीएम नें कहा कि वर्ष 2070 तक भारत ने नेट 0 का लक्ष्य तो रखा ही है, इसके साथ ही लाइफ मिशन को भी हाइलाइट किया है।पीएम मोदी ने कहा कि प्रो प्लेनेट पीपल एक ऐसा मूवमेंट है, जो क्लाइमेट चैलेंज से निपटने के लिए हर व्यक्ति और समुदाय को क्लाइमेट रिस्पांसिबिलिटी से जोड़ता है। इस साल के बजट में क्लाईमेट एक्शन को बहुत प्राथमिकता दी गई है। हमारा यह बजट हर स्तर पर, हर सेक्टर में ग्रीन फ्यूचर के भारत के कमिटमेंट को प्रोत्साहित करने वाला है। क्लाइमेट और दूसरे फैक्टर्स के कारण भारत की कृषि के सामने जो चुनौतियां हैं, उनसे निपटने में भारत के प्रयासों से आप भी एक्सपर्ट और वैज्ञानिक परिचित हैं।

