वाराणसी: कोरोना से सुरक्षा के लिए स्वदेशी वैक्सीन और विदेशी वैक्सीन के लगने से कोरोना की तीसरी लहर का प्रकोप काफी हद तक कम हुआ लेकिन शर्म की बात ये है कि इस टीके को नकली बनाकर बेचने वाले मामलें का भांडा फोड़ हुआ है। जी हाँ कोविशील्ड, वैक्सीन और फर्जी कोविड टेस्टिंग किट तैयार करने वाले गिरोह का एसटीएफ वाराणसी ने पर्दाफाश किया है। एसटीएफ ने गिरोह के पांच सदस्यों को बीते दिन मंगलवार को लंका क्षेत्र के रोहित नगर से अपनी गिरफ्त में लिया है।गिरफ्तार हुए आरोपियों के पास से भारी मात्रा में नकली कोविड टेस्टिंग किट, नकली कोविशील्ड वैक्सीन, नकली जाइकोव डी वैक्सीन, पैकिंग मशीन, खाली वायल, स्वाब स्टिक आदि बरामद किया है। जिसकी अनुमानित कीमत चार करोड़ रुपये बताए जा रही है।

इस जगह से नकली दवा बनाकर किट विभिन्न राज्यों में भेजी जाती थी। एसटीएफ वाराणसी इकाई के डिप्टी एसपी विनोद कुमार के मुताबिक़,नकली कोविड किट और वैक्सीन के बारे में लगातार सूचनाएं फील्ड यूनिट टीम को मिल रही थी। उसके आधार पर लंका थाना के रोहित नगर कॉलोनी स्थित एक फ्लैट में छापा मारा गया।
गिरोह में शामिल –आपको बतादें कि सिद्दीगिरी बाग निवासी राकेश थवानी, पठानी टोला चौक निवासी संदीप शर्मा, मालवीय नगर (नई दिल्ली) निवासी लक्ष्य जावा, नागपुर रसड़ा (बलिया) निवासी शमशेर और बौलिया लहरतारा निवासी अरुणेश विश्वकर्मा को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ पर राकेश थवानी ने बताया कि वह संदीप शर्मा , अरुणेश विश्वकर्मा व शमशेर के साथ मिलकर नकली वैक्सीन व टेस्टिंग किट तैयार करते थे।

